Tuesday, February 16, 2010

आज 4 फरवरी है....

आज के ही दिन पिताजी से पिछले बार बात हुई थी और अपनी भतीजी के कहने पर ही मैंने 'हैप्पी बर्थडे' पापा को बोला था। तब पापा का रिएक्शन आया- सान्या सिखाएगी और तुम बोलोगे। हमें क्या पता था, यह अंतिम बार ही कहना होगा। इसका जिक्र इसी डायरी में पहले भी कर चुका हूँ लेकिन पापा के ना रहने के बाद पहली बार 4 फरवरी पर अब उनकी सिर्फ यादें ही है। आज शाम में जैसे ही 8।30 वाला ऑल इंडिया रेडियो का समाचार सुना कि घर से फोन आया। मैं भी बात करने को इच्छुक था। घर से ही फोन आ गया, चलो अच्छा हुआ। मम्मी से मैंने पिछले साल वाली घटना का जिक्र किया, मैंने इस सेंस में किया कि कुछ इसका उल्टा असर ना पड़े। लेकिन हल्का सा असर पड़ा ही। फोन पर सान्या और इश्रित की बातें ज्यादा सुनने को मिली। सान्या को अपने टीचर रखे जाने की खुशी थी, इस बात की सूचना उसने दूसरे बार फोन कर के दिया। सान्या से ही पिछले बार सुनने को मिला कि आप बाबा को हैप्पी बर्थडे बोले। अभी भी बात करने को वही ज्यादा उत्सुक रहती है, उसी के कहने के कारण बाबा को कह पाए थे, नहीं तो अंतिम बार कह रहे है यह एहसास भी नहीं था। ऐसा सोचा ही कैसा जाया जा सकता है। वन्स अगेन फादर, वेह्अर यू आर, यू आर स्टिल ऑवर हीरो एंड वी सेलेब्रेट योर बर्थडे विद् ग्रेट फॅरवर।
( 4 फरवरी 2008 को लिखा गया)

No comments:

Post a Comment