Sunday, February 21, 2010

पापा के ग्रीटिंग्स कार्डस

एक ग्रीटिंग्स कार्ड बड़े जतन से सँभाल कर रखा गया है पापा के द्वारा या मम्मी के द्वारा- मैं नहीं जानता। लेकिन पापा ने इसे मम्मी को बर्थ डे पर भेजा था या दिया था। कार्ड के नीचे पापा के साइन थे और तारीख थी- 14/03/69- वो आज तक संजोकर रखा गया है। वैसे ही पापा द्वारा हर नए साल पर अपने परिजनों को ग्रीटिंग्स कार्ड भेजना- काफी ही मनोरंजक लगता था, इसी बहाने कम से कम जुड़े तो रहते थे। कुछ दिन के बाद सभी परिवार के सदस्यों के नाम से कुछ संदेश लिखे कार्ड छपवा कर भेजा जाना एक अलग प्रयास था। इन सब बातों से कम से कम हम स्नेल-मेल से भली-भाँति परिचित हो गये थे। अब तो जमाना एकदम बदल गया। रंग-बिरंगे ग्रीटिंग्स की जगह ई-ग्रीटिंग्स ने ले ली और अगर आवश्यक या जरूरी कागजात ना भेजने हो तो ई-मेल से काम चल जाता है। अगर कुछ भेजना ही है तो अब भारतीय डाक विभाग की सेवा के बजाए निजी दस्ती सेवा की अपने चरम पर है। डीटीडीसी, ब्लू डार्ट सो लेकर नए-नए नाम के काफी प्लेयर आ गए। वैसे ग्रीटिंग्स अगर आज भेजना है, तो भी इन्हीं दस्ती सेवा वालों की सेवा लेनी पड़ती है। आमीन।
( 13 मार्च 2009 को लिखा गया)

1 comment:

  1. बहुत पुराना कार्ड सहेज कर रखा है..कितना सुखद होगा ऐसी धरोहर को देखना.

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