अंग्रेजी तारीखों का भी अच्छा खासा प्रभाव हो गया हम भारतीयों पर। अपनी तिथि तो कब की भूला चुके है हम। बर्थडेट, एनिवरसरी, सब अब अंग्रेजी डेट के अनुसार ही मनाए जाते है और समझे भी जाते है। चलो अंतर्राष्ट्रीय मानक है अतः हम भी विरोध नहीं करते। पापा का जन्मदिन 4 फरवरी को पड़ता है जबकि उनकी शादी की डेट 3 फरवरी 1969 थी यानि कि जन्म से पहले ही शादी। सान्या को जब समझ आयी तो वह अपने दादाजी को विश करती लेकिन कहती जरूर... बाबा आपकी शादी पहले फिर जन्मदिन बाद में ...उसकी मम्मी ने सिखाया था। ये चीजे भी पापा के जिंदगी में यूनीक ही रहा। हमारे लिए तो दो दिन पार्टी हो जाती। भाभी को लगातार दो दिन केक बनाने के लिए मैं कहता और पापा के हाथ ही दोनों दिनों के केक कटवाया जाता। सान्या इस सबमें आगे रहती थी। हमें तो दो दिन केक खाने को मिल जाता। इस साल मैंने जब पापा को फोन पर हैप्पी बर्थडे कहा तो पापा ने कहा कि "सान्या सिखलायेगी तब तुम कहो।" चूँकि सान्या ने मुझसे पहले पूछा कि बाबा को विश किए क्या? क्या पता था कि आखिरी बर्थडे था उनका।
Sunday, February 14, 2010
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