पढ़ाई के दौरान अक्तूबर'06 महीने में घर से पापा का कॉल आया कि बैंक मैनेजर तुमसे मिलने के बाद ही लोन के कागज पर आगे कार्रवाई करेगा, अतः तुमको यहाँ पर आना पड़ेगा। मैंने काफी असमर्थता जतायी, पढ़ाई का हवाला दिया, लेकिन जाना जरूरी था, इसलिए दीवाली के कुछ दिन पहले का कार्यक्रम बना। तीन-चार दिन के लिए जाना हुआ, दीवाली भी कार्यक्रम में शामिल था। इसी बीच एक दिन पापा को RTI की सूचना के तहत मिलने वाले जवाबों में ताज होटल ने एक बार फिर से RTI की सूचना के तहत माँगे गए सवाल का जवाब भेजा। दोनों पत्र दिखाते हुए बोले बताओ क्या अंतर है...मैंने गौर से पत्रों को देखा लेकिन मुझे तारीख में अंतर के सिवा कुछ भी नजर नहीं आया। पापा ने कहा तो फिर उसे दुबारा जवाब भेजने की जरूरत क्या थी। मैं भी सोच में पड़ा, लेकिन पत्र पर डाली गयी सरसरी निगाह से कोई जवाब नहीं बन पा रहा था। दरअसल, लालू प्रसाद ने अपनी बेटी के शादी में ताज होटल में 19 लाख रूपये पेड किए थे और पहले पत्र में लालू यादव'स मैरिज लिखा था जबकि दूसरे पत्र में लालू यादव'स डटर मैरिज लिखा था। पापा का इस पर कमेंट था - क्या जर्नलिस्ट बनोगे। अभी वो बात सोचता हूँ तो हँसी आ जाती है कि एक छोटी सी गलती न पकड़ सका।
Sunday, February 14, 2010
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