कल मेरा जन्मदिन है, हर साल यह दिन अपने में मेरे लिए खास है। बचपन में कुछ जन्मदिन की यादें है जो घरवालों के द्वारा मनायी जाती, लेकिन शायद ही मुझे याद है कि पापा सक्रिय रुप से शामिल होते। घर में मम्मी और भैया लोग, साथ ही साथ चचेरे भाई-बहन के सहयोग व उनके उत्साह से ही कुछ साल तक जन्मदिन मना होगा। बीच में ग्रेजुएशन के दिनों में व यहाँ से एम ए करने के दौरान बीच में घर जाने पर दोस्तों को मेरी तरफ से पार्टी देना, ऐसे ही कुछ मौके रहेंगे। अगर इस जन्मदिनों में मैं पापा की भागीदारी को टटोलूँ, तो शायद ही कुछ ऐसे मौके मिलेंगे, जिनमें वो एक्टिवली भाग लिए हो। हाँ, लेकिन सान्या के बर्थडे में उनकी भागीदारी गजब की होती थी। दिल्ली में 2006 में 20 जून को आया था, आज मुझे आये तीन साल पूरे हुए। 2006 वाले 21 जून को तो सिर्फ घरवालों का फोन आया था। 2007 में मैं एग्जाम देने के बाद एक कंपनी के मैनेजर बनने के चक्कर में ठीक से बर्थ डे मना ना सका। 2008 में सीएमएस में छोटी सी पार्टी और रात में घर पर अच्छा भोजन के बीच बर्थ डे बीता। पापा की सहभागिता तो 2007 के बाद खत्म हो गयी, लेकिन उनका आशीर्वाद अभी भी साथ बना हुआ है, यह क्या कम है।
( 20 जून 2009 को लिखा गया)
जन्मदिन मुबारक हो, बड़ो का प्यार हमेशा बरसता रहता है उनके जाने के बाद भी
ReplyDeleteजन्मदिन मुबारक!! माँ बाप का आशीष हमेशा बना रहता है.
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