Tuesday, July 8, 2014

15 अप्रैल 2014

'लेबर' और 'लीजर' - अंग्रेजी के ये दो टर्म हमारे मानव जीवन को पूरी तरह से परिभाषित करते है। अगर दिन की बात करे तो हम काम करते है या आराम। शरीर के लिए काम करना भी जरूरी है और आराम करना भी जरूरी है। अगर काम करने में ही आपकी पूरी ऊर्जा चली जाती है तो आपको और आराम की जरूरत होती है। पश्चिमी देशों में हैप्पी ऑवर्स की अवधारणा बनाई गई जिसे बड़ी-बड़ी कंपनियां एक्सप्लॉयट करती है। काम के घंटे के निर्धारण के बाद बचा हुआ समय आपका अपना है, जिसे या तो आप लीजर में प्रयोग करे या लेबर में..ओवरटाइम की अवधारणा यही से निकली.. अगर आपके ऑफिस को आपके लीजर ऑवर को कम कराकर उसका उपयोग अपने लिए करना है तो आपको ओवरटाइम करना होगा और इसके लिए आपको पैसे मिलेंगे, लेकिन वो आराम की शर्त पर। एक और बात... आराम की अवधारणा यहां तक की बाइबिल में भी थी। बाइबिल में लिखा है कि भगवान ने छह दिन के भीतर दुनिया बनाई और सातवें दिन आराम की सोची। तो आराम का कंसेप्ट सभी जगह है। बहुत मेहनत के बाद लोगों को स्वतः नींद जाती है। आराम शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। अब ये किसी इंसान पर निर्भर करता है कि वो इसे किस तरह उपयोग में लाता है। पूरे दुनिया में अलग-अलग ऑवर है। 35 घंटे प्रति सप्ताह से लेकर 54 घंटे प्रति सप्ताह तक काम के ऑवर होते है। 6 घंटे छह दिन या 9 घंटे 6 दिन तक लगातार काम करने के बाद 7वां दिन आराम का होना ही चाहिए, नहीं तो लगातार काम करने से शरीर थक जाता है, टूट जाता है। इसलिए अपने को पूरी तरह से दुरूस्त रखने की जरूरत है.. क्योंकि काम भी जरूरी है और आराम भी।    (0041)