प्रिय दैनन्दिनी,
आधी रात होने को आयी, तब मैं यहां आ रहा हूं। आज तो निश्चय ही तुम्हें मिस कर जाता, लेकिन अभी तुरंत पानी लाने के पश्चात जैसे ही हिसाब कर रहा था एक दूसरी डायरी में तो मुझे तुम्हारी याद आयी, सो चला आया- तुमसे एक संक्षिप्त वार्ता करने के लिए। आज का कार्यक्रम पूर्व की भांति न होकर बदलाव लिए हुए था। साढ़े चार में पूर्ण रूप से उठने के पश्चात पौने छः में घर से निकला और छः पच्चीस में स्टेशन पर था। वहां तुरंत रेलगाड़ी आई और चाचा राजकुमारजी से भेंट हुई। वहां से उनके द्वारा सामान, पत्र व पैसा लेने के पश्चात वापस घर पर आया, फिर घर से महाजलाभिषेक हेतु श्री सदगुरूधाम मंदिर गया। वहां से लौटने के पश्चात नाश्ता किया, फिर महाविद्यालय जाने का विचार था लेकिन सुबह के ह्रासमेंट के कारण विचार त्यागना पड़ा। फिर शरीर को आराम पहुंचाने के लिए शयन किया गया। राजेशजी पांच बजे हैप्पी बर्थडे की तस्वीरें लाकर मेरे निद्रा के क्रम को तोड़ा। हंसी-मजाक, जलेबी मेरठवाले की चली। फिर हुआ पढ़ाई का कार्यक्रम । फिर भोजन, फिर नींद जोर से आ रही थी फिर भी बत्रा गये, वहां से जल लाये। ये तुम कहोगी क्या पानी लाये... पानी लाये की रट लगाये हुए हो। अरे भाई बात ऐसी है कि पानी के मामले में यहां पर सावधानी बरतनी पड़ रही है। अच्छा.. ओके जोरों से नींद आ रही है। जा रहा हूं जस्ट सोने। शुभ रात्रि।
- नितेश
आधी रात होने को आयी, तब मैं यहां आ रहा हूं। आज तो निश्चय ही तुम्हें मिस कर जाता, लेकिन अभी तुरंत पानी लाने के पश्चात जैसे ही हिसाब कर रहा था एक दूसरी डायरी में तो मुझे तुम्हारी याद आयी, सो चला आया- तुमसे एक संक्षिप्त वार्ता करने के लिए। आज का कार्यक्रम पूर्व की भांति न होकर बदलाव लिए हुए था। साढ़े चार में पूर्ण रूप से उठने के पश्चात पौने छः में घर से निकला और छः पच्चीस में स्टेशन पर था। वहां तुरंत रेलगाड़ी आई और चाचा राजकुमारजी से भेंट हुई। वहां से उनके द्वारा सामान, पत्र व पैसा लेने के पश्चात वापस घर पर आया, फिर घर से महाजलाभिषेक हेतु श्री सदगुरूधाम मंदिर गया। वहां से लौटने के पश्चात नाश्ता किया, फिर महाविद्यालय जाने का विचार था लेकिन सुबह के ह्रासमेंट के कारण विचार त्यागना पड़ा। फिर शरीर को आराम पहुंचाने के लिए शयन किया गया। राजेशजी पांच बजे हैप्पी बर्थडे की तस्वीरें लाकर मेरे निद्रा के क्रम को तोड़ा। हंसी-मजाक, जलेबी मेरठवाले की चली। फिर हुआ पढ़ाई का कार्यक्रम । फिर भोजन, फिर नींद जोर से आ रही थी फिर भी बत्रा गये, वहां से जल लाये। ये तुम कहोगी क्या पानी लाये... पानी लाये की रट लगाये हुए हो। अरे भाई बात ऐसी है कि पानी के मामले में यहां पर सावधानी बरतनी पड़ रही है। अच्छा.. ओके जोरों से नींद आ रही है। जा रहा हूं जस्ट सोने। शुभ रात्रि।
- नितेश
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