प्रिय दैनन्दिनी,
आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है। राष्ट्र के प्रति किए गए उनके कार्यों की कोई निंदा नहीं कर सकता.. अगर करता है तो वह उन परिस्थितियों को नहीं जानता जिसमें सर्वकालीन पूज्यनीय इस महापुरूष का जन्म हुआ। वैसे आज मध्यरात्रि में करीब डेढ़-दो बजे सोने के पश्चात साढ़े छह में बिस्तर का त्याग करना पड़ा और 'अमृत-धारा' रुपी महायज्ञ के संपन्न होने वाले दिवस देर से पहुंचना एक कटु अनुभव रहा। फॉर्म जमा कराने के पश्चात वापस घर लौटना हुआ। जन्मदिवसीय बालक कुणाल के आने के कुछ देर पश्चात पार्टी हेतु कनॉट प्लेस जाना पड़ा लेकिन हल्के भोज्य पदार्थ व पेय लेने के पश्चात यह कार्यक्रम बना कि वापस घर लौटकर डोमिनो पिज्जा फूड सेंटर को आदेश देकर कुछ भोज्य सामग्री मंगवायी जाए। इसी बीच कुछ क्षण के लिए लेटने के पश्चात आधा घंटा गहरी निद्रा में रहा। जगने के बाद पेप्सी व द किलर गेम का कार्यक्रम चला। डोमिनो वालों ने होम डिलेवरी की, भोज्य पदार्थ खाए फिर खेल थोड़ी देर और चला, फिर मैं केक लाने चला गया। हम अपने फ्लैट पार्टनर्स के साथ हनुमान मंदिर गए। इसी क्रम में पंचम द्वारा दिए गए कथन पर मेरे द्वारा जोर से बोल दिया जाना गलत हुआ क्योंकि यह मेरे ही नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न चिह्न लगाता है। मेरे पीछे से दो पार्टनर्स द्वारा किए गए बातचीत ने इस बात को और बल दिया। खैर... सुधार की आवश्यकता मुझमें है- जे इस दिशा में प्रयासरत रहूंगा। मुख्य सुधार, पढ़ाई क्षेत्र से संबंधित, पर और बल दिये जाने की जरूरत है। कल से प्रातःकाल के कार्यक्रम में पूर्ण परिवर्तन आने की संभावना है। कार्यक्रम के साथ मुझमें भी। इसी आशा के साथ... शुभ रात्रि।
- नितेश
आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है। राष्ट्र के प्रति किए गए उनके कार्यों की कोई निंदा नहीं कर सकता.. अगर करता है तो वह उन परिस्थितियों को नहीं जानता जिसमें सर्वकालीन पूज्यनीय इस महापुरूष का जन्म हुआ। वैसे आज मध्यरात्रि में करीब डेढ़-दो बजे सोने के पश्चात साढ़े छह में बिस्तर का त्याग करना पड़ा और 'अमृत-धारा' रुपी महायज्ञ के संपन्न होने वाले दिवस देर से पहुंचना एक कटु अनुभव रहा। फॉर्म जमा कराने के पश्चात वापस घर लौटना हुआ। जन्मदिवसीय बालक कुणाल के आने के कुछ देर पश्चात पार्टी हेतु कनॉट प्लेस जाना पड़ा लेकिन हल्के भोज्य पदार्थ व पेय लेने के पश्चात यह कार्यक्रम बना कि वापस घर लौटकर डोमिनो पिज्जा फूड सेंटर को आदेश देकर कुछ भोज्य सामग्री मंगवायी जाए। इसी बीच कुछ क्षण के लिए लेटने के पश्चात आधा घंटा गहरी निद्रा में रहा। जगने के बाद पेप्सी व द किलर गेम का कार्यक्रम चला। डोमिनो वालों ने होम डिलेवरी की, भोज्य पदार्थ खाए फिर खेल थोड़ी देर और चला, फिर मैं केक लाने चला गया। हम अपने फ्लैट पार्टनर्स के साथ हनुमान मंदिर गए। इसी क्रम में पंचम द्वारा दिए गए कथन पर मेरे द्वारा जोर से बोल दिया जाना गलत हुआ क्योंकि यह मेरे ही नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न चिह्न लगाता है। मेरे पीछे से दो पार्टनर्स द्वारा किए गए बातचीत ने इस बात को और बल दिया। खैर... सुधार की आवश्यकता मुझमें है- जे इस दिशा में प्रयासरत रहूंगा। मुख्य सुधार, पढ़ाई क्षेत्र से संबंधित, पर और बल दिये जाने की जरूरत है। कल से प्रातःकाल के कार्यक्रम में पूर्ण परिवर्तन आने की संभावना है। कार्यक्रम के साथ मुझमें भी। इसी आशा के साथ... शुभ रात्रि।
- नितेश
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