प्रिय दैनन्दिनी,
' ओह गॉड ! इट्स संडे' - अंग्रेजी पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया के पूरक दिल्ली टाइम्स के नीचे लिखा यह वाक्य निश्चय ही बहुत मायने लिए हुए रखता है। आज रविवार है और विवि जाने के पश्चात दूसरा। यह यहां पर बहुत महत्व का दिन है क्योंकि सप्ताह भर की तेज जिंदगी के पश्चात लोगों को रिलैक्स करने का मौका मिलता है। खैर... प्रातःकाल की शुरूआत पिछले दो दिनों की तरह हुई। ज्ञान की प्यास और परमात्मा की तड़प बढ़ती ही जा रही है- लेकिन यह इतना आसान नहीं है। वापसी के पश्चात फ्लैट-पार्टनर्स को थोड़ी नसीहत दी गयी। दोपहर के भोजन से पहले पहली बार यहां जल-संकट का सामना करना पड़ा। भोजनोपरांत फिर एक बार अच्छी नींद ली गयी। इधर एक-दो दिन से यह महसूस हो रहा है कि सुबह शाखा में जो थोड़े व्यायाम, योग आदि करते उससे दिन का कार्य-व्यापार करने में कोई कठिनाई नहीं आती, अतः बुधवार से पुनः यह स्थिति संभव होने के पश्चात ऐसी स्थिति (नींद) नहीं आएगी। संध्या सामान्य तरीके से बीती। रात्रि में ज्योंहि पत्र से कतरन निकालने के लिए बैठा कि हमारे रसोईये महोदय ने आकर कल की भोजन-सूची बनाने में मदद की। उसके पश्चात एक मित्र के साथ रसोई से रसोई का सामान व दूसरे मित्र के साथ सब्जबाग से सब्जी लाने का कार्य हुआ। उसके पश्चात रात्रि का भोजन। फिर आपके सामने उपस्थित हुआ। कल रात्रि में 'राजकुमार' द्वारा अपने जन्मोत्सव की खुशी में पहले ही कुछ ठंडक पदार्थों का सेवन किया गया। अब मैं यहां से सीधे सोने के लिए जा रहा हूं। कुछ क्षण पश्चात मैं होऊंगा रात्रि के गोद में। मंगलमयी रात्रि आपको भी।
- नितेश
' ओह गॉड ! इट्स संडे' - अंग्रेजी पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया के पूरक दिल्ली टाइम्स के नीचे लिखा यह वाक्य निश्चय ही बहुत मायने लिए हुए रखता है। आज रविवार है और विवि जाने के पश्चात दूसरा। यह यहां पर बहुत महत्व का दिन है क्योंकि सप्ताह भर की तेज जिंदगी के पश्चात लोगों को रिलैक्स करने का मौका मिलता है। खैर... प्रातःकाल की शुरूआत पिछले दो दिनों की तरह हुई। ज्ञान की प्यास और परमात्मा की तड़प बढ़ती ही जा रही है- लेकिन यह इतना आसान नहीं है। वापसी के पश्चात फ्लैट-पार्टनर्स को थोड़ी नसीहत दी गयी। दोपहर के भोजन से पहले पहली बार यहां जल-संकट का सामना करना पड़ा। भोजनोपरांत फिर एक बार अच्छी नींद ली गयी। इधर एक-दो दिन से यह महसूस हो रहा है कि सुबह शाखा में जो थोड़े व्यायाम, योग आदि करते उससे दिन का कार्य-व्यापार करने में कोई कठिनाई नहीं आती, अतः बुधवार से पुनः यह स्थिति संभव होने के पश्चात ऐसी स्थिति (नींद) नहीं आएगी। संध्या सामान्य तरीके से बीती। रात्रि में ज्योंहि पत्र से कतरन निकालने के लिए बैठा कि हमारे रसोईये महोदय ने आकर कल की भोजन-सूची बनाने में मदद की। उसके पश्चात एक मित्र के साथ रसोई से रसोई का सामान व दूसरे मित्र के साथ सब्जबाग से सब्जी लाने का कार्य हुआ। उसके पश्चात रात्रि का भोजन। फिर आपके सामने उपस्थित हुआ। कल रात्रि में 'राजकुमार' द्वारा अपने जन्मोत्सव की खुशी में पहले ही कुछ ठंडक पदार्थों का सेवन किया गया। अब मैं यहां से सीधे सोने के लिए जा रहा हूं। कुछ क्षण पश्चात मैं होऊंगा रात्रि के गोद में। मंगलमयी रात्रि आपको भी।
- नितेश
No comments:
Post a Comment