Wednesday, March 11, 2026

1 जून 2021 वर्क फ्रॉम होम

 

 

1 JUNE 

 

*1038*

-- अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार ईरान कई अघोषित स्थलों पर पाए गए यूरेनियम के कणों के बारे में बताने में विफल रहा है। इस रिपोर्ट के बाद ईरान और पश्चिमी देशों के बीच ताजा राजनयिक संघर्ष की संभावना है जिससे कि चल रही नाभिकीय वार्ता पर असर पर सकता है। तीन महीने पहले ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने यूरेनियम के कणों के बारे में समझाने के लिए पूरी तरह से विफल रहने के लिए ईरान की आलोचना करने के लिए परमाणु ऊर्जा एजेंसी के लिए अमेरिका समर्थित योजना को रद्द कर दिया था। तीनों यूरोपीय देश आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी की ईरान के साथ ताजा वार्ता की घोषणा के बाद पीछे हट गए थे। अब तीनों देशों पर निर्भर करता है कि वे ईरान की आचोलना वाले प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेते है जिससे कि 2015 के ईरान परमाणु संधि से संबंधित वियना में चल रही वार्ता पर असर पर सकता है।

(होल्ड)
< ईरान में पाए गए यूरेनियम कणों पर आईएईए की रिपोर्ट

कई स्थलों पर पाए गए यूरेनियम कणों के बारे में बताने में विफल रहा ईरान

रिपोर्ट के बाद वियना में चल रही परमाणु संधि से संबंधित वार्ता पर पड़ सकता असर  >  

 

*1127*

-- अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की अपने यूरोपीय सहयोगियों की जासूसी करने की खबरों के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अपने सहयोगियों की इस तरह जासूसी करना उन्हें स्वीकार्य नहीं है। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस और जर्मनी इस मसले पर पूरी स्पष्टता चाहते हैं। जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल के साथ वर्चुअल सम्मेलन के बाद प्रेस वार्ता में कहा कि अपने अमेरिकी और डेनमार्क सहयोगियों से वे पूर्व में घटी हुई घटना से संबंधित सभी सूचना चाहते हैं। डेनमार्क के राष्ट्रीय प्रसारणकर्ता के अनुसार अमेरिका की एनएसए ने डेनमार्क के विदेशी खुफिया ईकाई के साथ मिलकर 2012 से लेकर 2014 तक जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल सहित पड़ोसी देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की जासूसी की थी।

(होल्ड)

< अमेरिका की अपने यूरोपीय सहयोगियों की जासूसी का मामला

फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा इस तरह जासूसी करना स्वीकार्य नहीं

मैक्रोः फ्रांस और जर्मनी इस मामले पर पूरी स्पष्टता चाहते हैं >

 

 

*1161*

-- विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेसियस ने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संधि पर सहमत होने के लिए एक वैश्विक वार्ता जल्द शुरु करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि इससे विश्व स्वास्थ्य संगठन और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी। सप्ताह भर चले सालाना मंत्रिस्तरीय सभा के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना की वर्तमान चुनौती से निपटने के लिए लगातार और लचीले वित्त पोषण की जरुरत है।

(होल्ड)

< विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुखः कोविड-19 पर अंतर्राष्ट्रीय संधि का समय आ गया है

अंतर्राष्ट्रीय संधि के लिए वैश्विक वार्ता जल्द शुरु करना जरुरी >

 

*1120*

-- तुर्की में कोरोना संक्रमण के कम होते मामलों के मद्देनजर आज से कोरोना पाबंदियों में और ढील दी जा रही है। कोरोना पाबंदियों में ढील के तहत वीकेंड लॉकडाउन को आंशिक रुप से हटाने के अलावा सीमित संख्या में लोगों के लिए रेस्तरां को खोला जा रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति ने इन नए नियमों के 1 जून से प्रभावी होने की घोषणा की। इसके तहत राष्ट्रव्यापी लगे हुए रोजाना कर्फ्यू में एक घंटे की और ढील दी गई है।  इससे पहले मार्च में सभी सामाजिक पाबंदियों को हटा लिया गया था लेकिन अप्रैल में मामले बढ़ने के कारण अप्रैल के अंत से लेकर 17 मई तक आंशिक लॉकडाउन लगा दिया गया था।

(होल्ड)

< तुर्की में कोरोना पाबंदियों में आज से और ढील

वीकेंड लॉकडाउन को हटाने के अलावा रोजाना कर्फ्यू में ढील

सीमित संख्या में लोग रेस्तरां में जा सकेंगे  > 

 

*1044*

- यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन ने कहा कि क्लाइमेट न्यूट्रल बनने की राह में वर्तमान दशक एक निर्णायक दशक है। पी 4 जी समिट यानि पार्टनरिंग फॉर ग्रीन ग्रोथ एंड द ग्लोबल गोलस 2030 समिट को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बदलाव कभी भी आसान नहीं होता लेकिन मानवता ज्यादा इंतजार नहीं कर सकती इसलिए हमें ये मिलकर करना होगा। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि अगले छह महीने दुनिया के लोगों के स्वास्थ्य के लिए काफी अहम है, इसलिए हमें मिलकर काम करना होगा। यूरोपीय संघ ने 2030 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को 1990 के स्तर से 55 फीसदी कम करने का नया लक्ष्य रखा है। पिछले महीने रखा गया लक्ष्य पुराने 40 फीसदी कटौती की योजना से ज्यादा महत्वाकांक्षी है।

(होल्ड)

< यूरोपीय आयोग अध्यक्षः क्लाइमेट न्यूट्रल बनने के लिए वर्तमान दशक निर्णायक दशक

अगले 6 महीने दुनिया के लोगों के स्वास्थ्य के लिए काफी अहम’ >

 

*1176*

-- आइसलैंड के रेक्येनीस प्रायद्वीप में हुए ज्वालामुखी विस्फोट का अद्भुत नजारा कैद करने में एक ड्रोन कामयाब रहा। लेकिन ज्वालामुखी के क्रेटर से निकलते लावा का एकदम नजदीक से वीडियो बनाने के वक्त ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लावा से निकलती गर्मी के कारण ड्रोन ने काम करना बंद कर दिया लेकिन इससे पहले ड्रोन ने काफी नजदीक से ज्वालामुखी से निकलते हुए आग के दरिया को अपने कैमरे में कैप्चर कर लिया। रेक्येनीस प्रायद्वीप में 781 साल से ज्वालामुखी नहीं फटा था।

(होल्ड)

< आइसलैंड में ज्वालामुखी फटने के नजारे को ड्रोन ने कैमरे में कैद किया

ज्वालामुखी के मुंह तक वीडियों बनाने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ ड्रोन >

 

 

*WHO SARS COV-2 VARIANT NAMES*

 

-- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया भर में मिले कोरोनावायरस के स्वरुपों का ग्रीक एल्फाबेट्स के आधार पर नामाकरण किया है। ये फैसला ऐसे समय आया है जब कोरोनावायरस के अलग-अलग वेरिएंट को देशों के नाम के साथ जोड़ने पर विवाद हो रहा था। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सार्स-कॉव-2 के स्वरुपों को दो अलग-अलग श्रेणी में रखा है। पहली श्रेणी में ज्यादा संक्रामक स्वरुपों को रखा गया है जिसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न कहा गया है और दूसरी श्रेणी में ऐसे स्वरुपों को रखा गया है जो कि सामुदायिक संक्रमण को बढ़ाते हैं या कई देशों में पाए गए है, इन्हें वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट कहा गया है।

                         

वैरिएंट ऑफ कंसर्न में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चार स्वरुपों को रखा है। कोरोना वायरस के B.1.1.7 वैरिएंट को अल्फा नाम दिया गया है, इसे पहली बार ब्रिटेन में पाया गया था। जबकि दक्षिण अफ्रीका में पाए गए वैरिएंट B.1.351 को अब बीटा नाम से जाना जाएगा। इसी तरह ब्राजील में पाए गए कोरोना वायरस के P.1 वैरिएंट को गामा नाम से पुकारा जाएगा और इस श्रेणी के आखिरी वैरिएंट B.1.617.2 को डेल्टा नाम से जाना जाएगा। डेल्टा वैरिएंट पहली बार भारत में पाया गया था।

 

इसके अलावा वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने छह स्वरुपों को रखा है। इसमें B.1.427 वैरिएंट या B.1.429 वैरिएंट को एप्सिलॉन नाम से जाना जाएगा। कोरोना वायरस के P.2 वैरिएंट को जेटा नाम से पुकारा जाएगा। एक और वैरिएंट B.1.525 को एटा नाम दिया गया है। वहीं P.3 वैरिएंट को थीटा नाम दिया गया है। कोरोना वायरस के एक अन्य स्वरुप B.1.526 को इयोटा नाम मिला है। वहीं B.1.617.1 वैरिएंट को कप्पा नाम दिया गया है। कोरोना के इस स्वरुप की पहचान भी सबसे पहले भारत में हुई थी। इन वैरिएंट को इंडियन कहे जाने पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जाहिर की थी।

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 की तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोव ने कहा कि नए नाम मौजूदा वैज्ञानिक नामों के बदले में नहीं है। पुराने नाम महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं और अनुसंधान में उपयोग किए जाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी देश को कोविड के प्रकारों का पता लगाने और रिपोर्ट करने के लिए कलंकित नहीं किया जाना चाहिए।

(होल्ड)
< FF GFX  हेडर- WHO ने कोरोना वैरिएंट का किया नामकरण

ग्रीक एल्फाबेट्स के नाम पर जाने जाएंगे कोरोना वेरिएंट

अलग-अलग देशों के साथ नाम जोड़ने पर हो रहा था विवाद

कोरोना वैरिएंट की दो श्रेणी- वैरिएंट ऑफ कंसर्न, वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट

वैरिएंट ऑफ कंसर्न में चार वैरिएंट- अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा

ब्रिटेन में पाए गए B.1.1.7 वेरिएंट को अल्फा नाम दिया गया

दक्षिण अफ्रीका में मिले वैरिएंट B.1.351 को बीटा नाम दिया गया

ब्राजील में पाए गए P.1 वैरिएंट को गामा नाम से पुकारा जाएगा

भारत में पाए गए वैरिएंट B.1.617.2 को डेल्टा नाम से जाना जाएगा

वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट श्रेणी में कोरोनावायरस के छह वैरिएंट को रखा गया

B.1.427 वैरिएंट या B.1.429 वैरिएंट को एप्सिलॉन नाम दिया गया

P.2 वैरिएंट को जेटा, वैरिएंट B.1.525 को एटा नाम दिया गया

P.3 वैरिएंट को थीटा, B.1.526 वैरिएंट को इयोटा नाम मिला

भारत में मिले एक और अन्य B.1.617.1 वैरिएंट को कप्पा नाम दिया गया

WHO की तकनीकी प्रमुख: नए नाम मौजूदा वैज्ञानिक नामों को नहीं बदलते

कोविड के प्रकारों का पता लगाने के लिए किसी देश को कलंकित नहीं किया जाना चाहिए

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