यूक्रेन संकट
-- यूक्रेन के मुद्दे पर रूस और पश्चिमी
देशों के बीच चल रहा तनाव कल उस वक़्त और गहरा गया जब नाटो ने पूर्वी यूरोप में
अतिरिक्त लड़ाकू विमानों और युद्धक पोतों की तैनाती का एलान कर दिया। उधर, यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंकाओं के बीच आयरलैंड ने भी चेतावनी देते हुए
कहा है कि उसके तटीय इलाके में जंग जैसे हालात नहीं पैदा होने दिए जाएंगे। दूसरी
तरफ़, यूक्रेन पर रूसी हमले की सूरत में अमेरिका और यूरोपीय
संघ कड़ी जवाबी कार्रवाई के लिए साझा कदम उठाए जाने की संभावनाओं पर गौर कर रहे
हैं। रूस ने अपने पड़ोसी देश यूक्रेन की सीमा पर तकरीबन एक लाख सैनिकों और भारी
हथियारों की तैनाती की है,
इसे लेकर भारी तनाव की स्थिति है। हालांकि
रूस इस बात से इनकार करता है कि उसकी योजना यूक्रेन पर हमला करने की है। इस बीच
अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने अपने राजनयिकों के परिजनों को
यूक्रेन की राजधानी कीव छोड़ने का आदेश दिया है। फ्रांस ने अपने नागरिकों से कहा
है कि अगर ज़रूरी न हो तो वो यूक्रेन न जाएं।
(होल्ड)
<रूस-यूक्रेन संकट: नाटो ने पूर्वी यूरोप में लड़ाकू विमान, युद्धक पोत भेजे
अमेरिका सहित कई देशों ने राजनयिकों के
परिजनों को कीव छोड़ने का आदेश दिया >
-- इस बीच, यूरोपीय संघ यूक्रेन के खिलाफ रूस की तरफ से किसी भी संभावित साइबर हमले से
बचाव के लिए तैयार है। यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करने
के बाद जोसेप बोरेल ने कहा कि यूरोपीय संघ एकजुट है और त्वरित और दृढ़ कार्रवाई के
साथ रूसी आक्रमण का जवाब देने के लिए तैयार है।
(होल्ड)
< यूरोपीय संघः
यूक्रेन पर संभावित रूसी साइबर हमले से बचाव के लिए तैयार >
-- अमेरिका भी यूक्रेन संकट के मद्देनजर स्थिति के हिसाब
से अपनी सैन्य योजनाओं को रूप दे रहा है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन पर रूस के किसी भी आक्रमण से पहले पूर्वी तट के
देशों को सहायता प्रदान करने के विकल्प को कभी भी खारिज नहीं किया। इससे पहले राष्ट्रपति
जो बाइडेन ने शनिवार को अपने कैंप डेविड रिट्रीट में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम
से मुलाकात की और उन्हें यूक्रेन की सीमा पर रूस के सैन्य निर्माण के जवाब में
पूर्वी यूरोप में नाटो सहयोगियों के लिए अधिक अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने के
विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई।
(होल्ड)
< व्हाइट हाउसः यूक्रेन संकट पर सैन्य
योजना को अंतिम रूप देना जारी >
रूस-यूक्रेन संकट के बीच
अमेरिका (US) ने 8500 सैनिकों को ‘हाई अलर्ट’ पर
रखा है. इस बात की जानकारी पेंटागन (Pentagon) ने सोमवार को दी है. रूस-यूक्रेन (Russia-Ukraine) के सीमावर्ती इलाकों में
लगातार सैन्य क्षमता में इजाफा होने की खबरें आ रही हैं. NATO और अमेरिका, यूक्रेन पर संभावित रूसी
आक्रमण के लिए तैयार हो रहा है. हालांकि, पेंटागन ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल सैनिकों की तैनाती को लेकर
फैसला नहीं लिया गया है.
अमेरिका रक्षा विभाग के
प्रवक्ता जॉन किर्बी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इन 8500 सैनिकों में ब्रिगेड
कॉम्बैट टीमें, दल, चिकित्सा कर्मियों, विमानन सहायता, खुफिया, निगरानी शामिल हैं.
उन्होंने कहा, ‘तैनाती
को लेकर आदेश जारी नहीं किए गए हैं और कोई मिशन भी तय नहीं किए गए हैं.’ प्रवक्ता
ने कहा कि यूक्रेन संकट के बीच अमेरिका NATO के पूर्वी हिस्से को मजबूत करने के लिए अमेरिकी
सैनिकों की यूरोपीय थियेटर में भेजने के विकल्प से इनकार नहीं कर रहा है.
किर्बी ने आगे कहा कि यूक्रेन तनाव के बीच यूरोप
में अतिरिक्त अमेरिकी बलों की संभावित तैनाती NATO के फैसला पर
निर्भर करती है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, डेनमार्क, स्पेन, फ्रांस
और नीदरलैंड समेत कुछ NATO सदस्य क्षेत्र में रक्षा व्यवस्था को
मजबूत करने के लिए पूर्वी यूरोप में लड़ाकू विमान और युद्धपोत भेजने पर विचार कर
रहे हैं. यूक्रेन सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो
गुटेरेस ने कूटनीतिक प्रयास और वार्ता बढ़ाने का आह्वान किया था.
अमेरिका औऱ उसके सहयोगियों ने रूस पर साझा सीमा पर
सैन्य क्षमता बढ़ाने और आक्रमण की तैयारी करने के आरोप लगाए थे. इसके बाद बीते कई
महीनों से यूक्रेन तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. हालांकि, मास्को
ने इन आरोपों से इनकार किया था. साथ ही रूसी सीमाओं के पास NATO की सैन्य
गतिविधियों का जिक्र किया था, जिन्हें वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के
लिए खतरा मानता है.
-- रूस-यूक्रेन
संकट के बीच अमेरिका ने 8,500 सैनिकों
को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है। अमेरिका रक्षा विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने प्रेस
वार्ता के दौरान कहा कि इन 8,500 सैनिकों
में ब्रिगेड कॉम्बैट टीमें, दल, चिकित्साकर्मी, विमानन सहायता, खुफिया और निगरानी कर्मी शामिल हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सैनिकों की तैनाती को लेकर आदेश जारी
नहीं किए गए हैं और कोई मिशन भी तय नहीं किया गया है। प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा
कि यूक्रेन संकट के बीच अमेरिका, नाटो के पूर्वी हिस्से को मजबूत करने के लिए अमेरिकी सैनिकों को यूरोप में
भेजने के विकल्प से इनकार नहीं कर रहा है। साथ ही किर्बी
ने आगे कहा कि यूक्रेन तनाव के बीच यूरोप में अतिरिक्त अमेरिकी बलों की संभावित
तैनाती नाटो के फैसले पर निर्भर करती है।
(होल्ड)
< रूस-यूक्रेन संकटः अमेरिका ने
8,500 सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा >
राष्ट्रपति जो
बिडेन, ट्रान्साटलांटिक
एकता पर जोर देते हुए, यूक्रेन संकट
पर चर्चा करने के लिए व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम से सोमवार को कई यूरोपीय नेताओं के
साथ 80 मिनट की सुरक्षित वीडियो कॉल की।
बाइडेन ने
संवाददाताओं से कहा,
"मेरी यूरोपीय लोगों के साथ बहुत, बहुत, बहुत अच्छी
बैठक हुई", जिसमें जर्मनी, फ्रांस, इटली, ब्रिटेन और
पोलैंड के नेता शामिल थे। उन्होंने कहा कि "पूर्ण एकमत" था।
व्हाइट हाउस के
एक बयान में कहा गया है कि नेताओं ने "यूक्रेन के खिलाफ आगे रूसी आक्रमण को
रोकने के लिए अपने संयुक्त प्रयासों पर चर्चा की, जिसमें इस तरह की कार्रवाइयों के लिए रूस पर भारी परिणाम
और गंभीर आर्थिक लागत के साथ-साथ नाटो के पूर्वी हिस्से पर सुरक्षा को मजबूत करने
की तैयारी शामिल है।"
अमेरिकी
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ वीडियो कॉल किया. क्योंकि
पश्चिमी ताकतें रूसी आक्रमण के खिलाप साझा रणनीतिक का लक्ष्य रखती हैं. इस वीडियो
कॉल में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, फ्रांस के राष्ट्रपति एमेनुएल
मैक्रॉ, जर्मनी की चांसल ओलाफ शोल्ज, इटली के प्रधानमंत्री मारियो
द्राघी, पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डुडा और नाटो के प्रमुख जेन्स
स्टॉटनबर्ग शामिल थे.
-- अमेरिकी
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्रांसएटलांटिक एकता पर जोर देते हुए अपने यूरोपीय
सहयोगियों के साथ सुरक्षित वीडियो कॉल के जरिए यूक्रेन संकट पर चर्चा की। 80 मिनट
तक चले इस वीडियो कॉल में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज, इटली के प्रधानमंत्री मारियो द्रागी, पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डुडा और
नाटो के प्रमुख जेन्स स्टॉटनबर्ग शामिल थे। बैठक के बाद बाइडेन ने संवाददाताओं से
कहा कि उनकी यूरोपीय
नेताओं के साथ अच्छी चर्चा हुई और सभी लोग यूक्रेन संकट पर पूरी तरह से एकमत थे। व्हाइट
हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सभी नेताओं ने यूक्रेन के खिलाफ रूसी
की संभावित कार्रवाई को रोकने के लिए अपने संयुक्त प्रयासों पर चर्चा की। साथ ही
किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए रूस को भारी परिणाम और गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने
पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान नाटो के पूर्वी
हिस्से पर सैनिकों को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
(होल्ड)
< अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोपीय
सहयोगियों से यूक्रेन संकट पर चर्चा की
बैठक के बाद बाइडेन ने कहा यूक्रेन को
लेकर सभी सहयोगी एकमत >
*UKRAINE UPDATE VO*
वीओ-1
(1118)
यूक्रेन के मुद्दे पर रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव
गहराता जा रहा है। यूक्रेन
की सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए तीस देशों के सैन्य संगठन नाटो ने पूर्वी
यूरोप में अतिरिक्त लड़ाकू विमानों और युद्धक पोतों की तैनाती का एलान किया है।
ब्रसेल्स में फिनलैंड और स्वीडन के विदेश मंत्रियों के साथ एक प्रेस वार्ता में
नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि ये तैनाती यूरोपीय देशों की सुरक्षा
के उनके अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के अनुरुप है।
बाइट-
जेन्स स्टोलटेनबर्ग, महासचिव, नाटो
( हम गठबंधन के पूर्वी हिस्से में अपनी
मौजूदगी को और बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं, इसमें अतिरिक्त नाटो युद्ध समूहों की तैनाती शामिल हो सकती है।
ये तैनाती आनुपातिक हैं और हमारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप हैं और ये
हम सभी के लिए यूरोपीय सुरक्षा को सुदृढ़ करते हैं। साथ ही नाटो रूस के साथ बातचीत
जारी रखने के लिए तैयार है। )
वीओ-2
(KREMLIN FILE
SHOTS)
रूस ने नाटो के अतिरिक्त सेना की तैनाती
के कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पश्चिमी देशों का उन्माद बताया है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि नाटो की तैनाती गतिरोध को बढ़ाने
का काम करेगी। साथ ही कहा कि नाटो और अमेरिका के दवारा फैलाई जा रही झूठी जानकारी
के कारण सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा है।
वीओ-3
(1229)
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने
सोमवार को अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ 80 मिनट तक सुरक्षित वीडियो कॉल के जरिए
यूक्रेन संकट पर चर्चा की। बैठक में नाटो प्रमुख और ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी,
इटली, पोलैंड के नेता शामिल हुए। पश्चिमी देशों ने बैठक में यूक्रेन के मामले पर
रूस के खिलाफ एक ही रणनीति का पालन करने का फैसला किया है।
बाइट- जो
बाइडेन, राष्ट्रपति, अमेरिका
( मेरी एक
बहुत, बहुत, बहुत अच्छी मुलाकात रही। बैठक में सभी यूरोपीय नेता पूरी तरह से एकमत
दिखे। इस बारे में हम बाद में चर्चा करेंगे। )
वीओ-4
(1216)
इस बीच पेंटागन
ने कहा कि यूक्रेन की सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए युद्ध के लिए पूरी तरह से
तैयार क़रीब आठ हज़ार पांच सौ सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अमेरिका
रक्षा विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि सैनिकों की तैनाती को लेकर आदेश जारी नहीं किए गए हैं और कोई
मिशन भी तय नहीं किया गया है।
बाइट- जॉन किर्बी,
प्रवक्ता, अमेरिकी रक्षा विभाग
( लगभग 8500 कर्मियों को
अलर्ट पर रखा गया है। लेकिन इन सैनिकों को कोई मिशन नहीं सौंपा गया है। उन्हें कोई
तैनाती का आदेश नहीं भेजा गया है। )
वीओ-5
(1192)
रूस-यूक्रेन संकट पर ब्रसेल्स
में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में रूस को आगे की किसी भी
कार्रवाई के मद्देनजर बड़े पैमाने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। साथ ही
यूरोपीय संघ ने कहा कि वह यूक्रेन पर किसी भी
संभावित रूसी साइबर हमले से बचाव के लिए तैयार है।
बाइट- जोसेप बोरेल, ईयू
विदेश नीति प्रमुख
( हम साइबर हमलों के खिलाफ
लड़ाई में यूक्रेन का समर्थन करने के लिए एक मिशन को भेजने के लिए तैयार है।
रूस-यूक्रेन संकट को लेकर हम कूटनीतिक तौर पर अपनी तरफ से अच्छा करने का प्रयास
करेंगे। यूरोपीय संघ एकजुट है और त्वरित और दृढ़ कार्रवाई के साथ रूसी आक्रमण का
जवाब देने के लिए तैयार है। )
वीओ-6
( FILE SHOTS OF EU OFFICE+ ZELENSKY)
यूक्रेन के राष्ट्रपति
व्लोडिमिर ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय संघ के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल कहा कि यूरोपीय संघ की एकता यूक्रेन के लिए
काफी जरुरी है। जेलेंस्की यूरोपीय संघ के बैठक में कॉल के जरिए जुड़े थे। बाद में
राष्ट्रपति जेलेंस्की के कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यूक्रेन
किसी उकसावे में नहीं आएगा और अपने सहयोगियों के साथ शांत और
संयमित रहेगा।
वीओ-7
(FILE SHOTS OF
RUSSIA BUILD-UP, KREMLIN)
इस बीच यूक्रेन-रूस सीमा पर
जारी तनाव को कम करने के प्रयासों के तहत रूस, यूक्रेन, फ्रांस और जर्मनी के
राजनीतिक सलाहकार पेरिस में बुधवार को बैठक कर सकते हैं। इससे पहले तनाव को कम
करने की दिशा में रूस और अमेरिका के बीच शुक्रवार को हुई चौथे दौर की वार्ता
बेनतीजा रही थी। साथ ही रूस को अपनी मांगों पर इस सप्ताह अमेरिका के लिखित जवाब का
इंतजार है।
ब्यूरो रिपोर्ट, डीडी
न्यूज़।
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