Summer Superfoods - गर्मियों में शरीर क्यों जल्दी थक जाता है - गर्मी का मौसम आते ही बहुत से लोगों को कुछ सामान्य समस्याएं महसूस होने लगती हैं। जैसे भूख कम लगना, जल्दी थक जाना, शरीर में रूखापन आना, आंखों या हथेलियों-पैरों में जलन होना।
कई लोगों को ऐसा भी लगता है कि शरीर में एनर्जी कम हो गई है।
आयुर्वेद के अनुसार ग्रीष्म ऋतु में शरीर का संतुलन थोड़ा बदल जाता है। गर्मी के कारण शरीर में पित्त बढ़ता है और रूखापन भी बढ़ सकता है। इसलिए इस मौसम में खानपान थोड़ा समझदारी से रखना जरूरी होता है।
अगर आप अपनी डाइट में कुछ खास चीजें शामिल कर लें तो गर्मी का मौसम काफी आराम से निकल सकता है। यहां हम ऐसी ही पांच चीजों के बारे में बात करेंगे जिन्हें गर्मियों में अपने खानपान का हिस्सा बनाना फायदेमंद माना जाता है।
1. नारियल पानी
गर्मियों में सबसे आसान और प्राकृतिक पेय में से एक है नारियल पानी। यह शरीर को तुरंत हाइड्रेशन देता है और हल्का होने की वजह से आसानी से पच भी जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार नारियल पानी शरीर में पित्त और वात को शांत करने में मदद करता है। जिन लोगों को बार-बार प्यास लगती है या शरीर में गर्मी ज्यादा महसूस होती है, उनके लिए यह खासतौर पर उपयोगी माना जाता है।
यह शरीर को हल्की स्निग्धता भी देता है, यानी शरीर का रूखापन कम करता है। अगर किसी को डिहाइड्रेशन, पतले दस्त या कमजोरी महसूस हो रही हो तो भी नारियल पानी काफी राहत दे सकता है।
इसके अलावा यह मूत्र संबंधी समस्याओं में भी मददगार माना जाता है। जिन लोगों को पेशाब साफ नहीं आता या बार-बार जाना पड़ता है, उनके लिए भी यह फायदेमंद हो सकता है।
अगर इसे नियमित रूप से लेना हो तो बहुत ज्यादा ठंडा करके न लें। सामान्य तापमान पर धीरे-धीरे पीना बेहतर माना जाता है।
2. धनिया का पानी
धनिया केवल मसाले के रूप में ही नहीं बल्कि औषधीय रूप में भी काफी उपयोगी माना जाता है।
आयुर्वेद में धनिया को “धान्यक” कहा गया है और इसे शरीर के लिए बहुत लाभकारी बताया गया है। यह पचने में हल्का होता है और शरीर के तीनों दोषों — वात, पित्त और कफ — को संतुलित करने में मदद करता है।
गर्मियों में इसका सबसे अच्छा उपयोग है धनिया का पानी।
इसके लिए रात में एक चम्मच धनिया के बीज पानी में भिगो दें। सुबह इस पानी को छानकर थोड़ा-थोड़ा करके पी सकते हैं। लगभग 50 से 100 मिलीलीटर मात्रा काफी रहती है।
अगर शरीर में ज्यादा गर्मी हो, पेशाब में जलन हो, या बार-बार प्यास लगती हो तो धनिया का पानी काफी राहत दे सकता है।
कुछ लोग इसमें थोड़ा मिश्री और शहद मिलाकर भी पीते हैं। इससे इसका स्वाद भी बेहतर हो जाता है और शरीर को ठंडक भी मिलती है।
3. सत्तू
गर्मियों में सत्तू को एक तरह का प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक माना जाता है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी ग्रीष्म ऋतु में सत्तू लेने की सलाह दी गई है। सत्तू शरीर को ठंडक देता है और जल्दी ऊर्जा प्रदान करता है।
सत्तू आमतौर पर जौ या गेहूं से बनाया जाता है। यह पचने में हल्का होता है, इसलिए जिन लोगों को भूख कम लगती है या पाचन कमजोर है, उनके लिए भी यह अच्छा विकल्प हो सकता है।
इसे बनाने का तरीका भी बहुत आसान है।
आधा कटोरी सत्तू लें और इसमें मटके का पानी मिलाएं। स्वाद के लिए इसमें मिश्री, थोड़ा सेंधा नमक और चाहें तो इलायची भी डाल सकते हैं। कुछ लोग इसमें थोड़ा घी भी मिलाते हैं।
घी मिलाने से शरीर का रूखापन कम होता है और शरीर को स्निग्धता मिलती है, जो गर्मियों में काफी जरूरी होती है।
सत्तू का घोल गाढ़ा बनाकर भी लिया जा सकता है और पतला बनाकर शरबत की तरह भी पिया जा सकता है।
4. सब्जा के बीज
सब्जा सीड्स को स्वीट बेसिल सीड्स भी कहा जाता है। कई लोग इसे चिया सीड्स समझ लेते हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग होते हैं।
सब्जा के बीजों की खास बात यह है कि इनकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को स्निग्धता भी देते हैं। गर्मियों में जब शरीर में पित्त बढ़ता है और रूखापन महसूस होता है, तब यह काफी मदद कर सकते हैं।
इनसे एसिडिटी, जलन, मुंह के छाले जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है। साथ ही यह पाचन को बेहतर बनाने और कब्ज या ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं।
इनका सेवन करने का तरीका बहुत आसान है।
एक से दो चम्मच सब्जा के बीज लें और पहले उन्हें अच्छे से धो लें। फिर इन्हें एक कप पानी में लगभग 15 से 20 मिनट के लिए भिगो दें। कुछ ही समय में ये फूल जाते हैं।
इसके बाद इन्हें अलग-अलग शरबत में मिलाकर लिया जा सकता है। जैसे नींबू शरबत, आंवला शरबत या कोकम शरबत।
इससे स्वाद भी अच्छा हो जाता है और गर्मियों में शरीर को तुरंत ठंडक भी मिलती है।
5. दूध
गर्मियों में बहुत से लोग दूध पीना कम कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह मौसम में भी उपयोगी हो सकता है।
दूध शरीर को ठंडक देता है और साथ ही स्निग्धता भी बनाए रखता है। जब गर्मियों में शरीर में रूखापन बढ़ जाता है, तब दूध उसे संतुलित करने में मदद करता है।
आयुर्वेद में सामान्य तौर पर गाय का दूध अधिक उपयुक्त माना जाता है, लेकिन गर्मियों में भैंस का दूध भी लिया जा सकता है।
रात को सोने से पहले गुनगुना दूध पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर चाहें तो इसमें मिश्री मिलाकर भी पी सकते हैं।
जिन लोगों को शरीर में ज्यादा रूखापन महसूस होता है, वे दूध में थोड़ा सा गाय का घी मिलाकर भी ले सकते हैं।
Conclusion
गर्मी का मौसम शरीर के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस समय शरीर को ठंडक देने वाली, हल्की और पोषण देने वाली चीजों का सेवन करना ज्यादा फायदेमंद रहता है।
अगर आप अपनी डाइट में नारियल पानी, धनिया का पानी, सत्तू, सब्जा के बीज और दूध जैसी चीजें शामिल करते हैं तो गर्मियों में होने वाली कई छोटी-मोटी समस्याओं से बचा जा सकता है।
सही खानपान अपनाकर ही इस मौसम को आराम से और स्वस्थ तरीके से बिताया जा सकता है।
इनमें से आप गर्मियों में कौन-सा ड्रिंक सबसे ज्यादा लेते हैं?

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